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Write an essay on Human Resource Development in India.

Human resources are the real wealth of a nation and India is a nation rich in this sense i.e. India is the second most populous and world's youngest populous country and the country which has the most energetic young population of the world. Who can stop the pace of the development path? Provided that that young human resource is used systematically in the right direction.
Pro. According to Whipple, the real wealth of a nation does not lie in its land, water, forests, mines, animal property, or dollars, but lies in the rich and happy people (male and female) of that nation. Human resources mean putting qualified people in the right places and in the right numbers at the right time so that they can effectively and efficiently achieve organizational goals. Developing your staff members, motivating, encouraging, and taking proper care of them can bring any organization to the top level. This will not only lead to human development but also indirectly to the ultimate goal of organizati…

आरक्षण hindi essay निबंध ३०० शब्द

"आरक्षण लाना है तो गरीबों के लिए लाओ। गरीबी दूर करके उनका भविष्य चमकाओ।"
प्रस्तावना-भारत के संविधान में देश के समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक राजनैतिक अधिकार समान रूप से प्राप्त हैं। देश के शुभचिन्तकों एवं कर्णधारों में यह बात सपने में भी नहीं सोची थी कि जिस आरक्षण नीति की व्यवस्था वे लोगों के हित के लिए कर रहे हैं वह एक दिन वेर, कटुता तथा भेद-भाव का रूप धारण कर लेगी। लेकिन समय बलवान है। इसकी गति को रोकने में कोई भी सक्षम नहीं है। देश के स्वतन्त्र होने पर देश के कर्णधारों ने देश से छुआछूत, गरीबी और असमानता मिटाने के लिए दलित वर्ग के लिए आरक्षण की नीति निर्धारित की। इस आरक्षण नीति को दस वर्ष के लिए लागू किया गया था। किन्तु समय के साथ यह अवधि सुरसा के मुख की तरह बढ़ती ही चली गई और अभी तक इसका अन्त नहीं आ पाया है। अत: इस समय समस्त समस्याओं की जड़ यह आरक्षण नीति ही है। 
आरक्षण नीति की समस्या-यद्यपि आरक्षण नीति का शुभारम्भ जन हिताय की भावना से किया गया था लेकिन इसके परिणाम हमारे नेत्रों के समक्ष ठजागर हैं। अनेक सवर्ण नौजवान नौकरी की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। बहुमुखी प्…

राष्ट्र निर्माण में छात्रों का योगदान hindi essay for mains 300 words

रूपरेखा-(1) भूमिका, (2) आधुनिक भारत में नव-निर्माण की विभिन्न दशाएँ और उनमें विद्यार्थियों का योग, (3) उनका विवेकपूर्ण सहयोग, (4) सहयोग से लाभ, (5) उपसंहार।
सैकड़ों वर्षों की परतन्त्रता के बाद हमारा देश स्वतन्त्र हुआ। पराधीनता की स्थिति में भारतवासियों को स्वेच्छापूर्वक अपनी उन्नति करने का अवसर प्राप्त नहीं था। विदेशी सरकार के दबाव के कारण भारतीय अपनी योजना के अनुसार कार्य नहीं कर पाते थे। देश में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप में सरकार का दबाव अवश्य बना रहता था। उस समय विद्यार्थियों का योग केवल उत्कृष्ट अधिकारी बनकर शासन को दृढ़ बनाये रखना था। आज की बदलती हुई परिस्थितियों में किसी भी देश का भविष्य उस देश के विद्यार्थियों के ऊपर निर्भर है। विद्यार्थी वर्ग ही एक ऐसा वर्ग है जो हर क्षेत्र में पहुँच सकता है। भारत का नव-निर्माण विद्यार्थियों के उचित और पूर्ण सहयोग के बिना सफलतापूर्वक पूर्ण नहीं हो सकता। इस देश के नव-निर्माण में विद्यार्थियों का योगदान आवश्यक है।
मानव अपनी आवश्यक सुविधाएँ प्राप्त करने के लिए उसी की खोज में लगा रहता है। वर्तमान समय वैज्ञानिक तथा पूँजीवादी युग के नाम से जाना जा…

समाचार-पत्र यासमाचार-पत्रों का महत्त्व हिंदी निबंध ३०० शब्द

सुबह बिस्तर छोड़ते ही आज का नागरिक एक कप चाय और समाचार-पत्र की माँग करता है। वह चाय की चुस्की लेकर शारीरिक स्फूर्ति का अनुभव करता है तथा समाचार-पत्रों के पृष्ठों पर आँखें दौड़ाकर देश-काल की घटनाओं, विचारों से वाकिफ होकर मानसिक रूप से वह अपने आपको तरोताजा अनुभव करता है। इस तरह समाचार-पत्र आज की दुनिया में एक निहायत जरूरी चीज बन गया है।
समाचार-पत्र में अँग्रेजी न्यूज (NEWS) के N,E,W,S -N for North, E for East, W for West, S for South ये चार अक्षर जुड़े हैं जो क्रमश: उत्तर, पूर्व, पश्चिम तथा दक्षिण के प्रतीक है, अर्थात् समाचार-पत्र वह है जिसमें चारों दिशाओं के समाचार होते हैं। समाचार-पत्र का जन्म इटली के वेनिस नगर में 13वीं शताब्दी में हुआ। इससे पूर्व लोगों में समाचार-पत्र की परिकल्पना भी नहीं थी । 17वीं सदी में धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता के कारण समाचार-पत्र इंग्लैण्ड पहुँचा, फिर धीरे धीरे सारे संसार में फैला।
भारत में सर्वप्रथम कलकत्ता (कोलकाता) में इसका जन्म और विकास हुआ। 19 जनवरी, 1780 को 'बंगाल गजट' का 'कैलकटा जनरल एडवरटाइजर' के प्रकाशन के साथ ही भारतीय पत्रकारिता का जन्म …

विज्ञान के नये आविष्कार hindi essay for mains 300 words

-मानव ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नये-नये आविष्कार किये हैं। इस शताब्दी में विज्ञान ने भारी प्रगति की है और संसार का नक्शा ही बदल दिया है। विज्ञान ने हमारी बड़ी-से-बड़ी और छोटी से छोटी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति की है। उसने मानव जीवन में अधिक आनन्द बढ़ाया है। अंधे को आँखें, बहरे को कान, पंगु को पैर दिये हैं और मनुष्य को पक्षियों के समान आकाश में उड़ने की सुविधा दी है। मनुष्य जल पर भी चल सकता है । वैज्ञानिक उपकरणों के सहारे आज हम सैकड़ों मील दूर बैठे हुए अपने किसी मित्र से बातचीत कर सकते हैं।
(1) मनोरंजन के क्षेत्र में-मनोरंजन की आधुनिक वस्तुएँ विज्ञान की ही देन हैं । सिनेमा, टेलीविजन, टेपरिकार्डर, रेडियो आदि के माध्यम से हम मनोरंजनार्थ प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री देख सुन सकते हैं। हमारी शिक्षा, संस्कृति, आचार विचार पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
(2) चिकित्सा के क्षेत्र में-स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में भी विज्ञान ने मानव को बड़ा लाभ पहुंचाया है। खतरनाक रोगों पर काबू पा लिया गया है। कई प्रकार के टीकों का आविष्कार हो चुका है। एक्स-रे द्वारा तो शरीर का भीतरी भाग तक अच्छी तरह से…

परमाणु शक्ति और मानव जीवन Hindi essay for mains 300 words

प्रस्तावना-आज विज्ञान अपनी उन्नति के शिखर पर है। विज्ञान के क्षेत्र में अनेक आविष्कार हुए हैं उन सबमें परमाणु शक्ति का विशेष महत्त्व है। परमाणु शक्ति दो रूपों वाली है। इसका एक रूप जनजीवन के भयंकर संहार में लग सकता है। दूसरा रूप उनका शांतिमय उपयोग है जिसके द्वारा विश्व मानव का जीवन कल्याणमय बन सकता है।
भारत में परमाणु परीक्षण का विकास- 18 मई, 1974 का वर्ष भारत की वैज्ञानिक प्रगति के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ माना जाएगा। यह वह पावन तिथि है जिसकी कल्पना डॉ. होमी जहाँगीर भाभा ने की थी, जिसके लिए प्रयंत्नशील डॉ. साराभाई हुए, जिनका क्रियान्वयन डॉ. सेठना के तत्वावधान में हुआ। 18 मई, 1974 को भारत ने शांति कार्यों के लिए भूमिगत अणु विस्फोट करके सारे संसार के हृदय में विस्फोट कर दिया। इसके पश्चात् ।1 एवं 13 मई, 1998 को पाँच और परमाणु परीक्षण किए गए, जिससे भारत विश्व के परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों की पंक्ति में शामिल हो गया। सारा संसार भारत की इस वैज्ञानिक उपलब्धि से चकित रह गया है।
परमाणु शक्ति का दुष्परिणाम-विज्ञान की उन्नति के साथ-साथ विनाश की भयंकरता भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती गई। आज विश्व में यदि त…